भारत में हर वर्ष दस लाख से अधिक युवा आईएएस बनने का सपना देखते हैं। यह देश की सबसे प्रतिष्ठित सरकारी सेवा है जिसमें एक अधिकारी करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने की शक्ति रखता है। जिलाधिकारी के पद पर बैठकर सरकारी योजनाओं को लागू करना, आपदा प्रबंधन करना और आम जनता की समस्याएं सुलझाना, यही आईएएस की असली पहचान है।
लेकिन इस सेवा में पहुंचने का रास्ता कठिन है। यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में गिनी जाती है। सही जानकारी और सही रणनीति के बिना वर्षों की मेहनत भी व्यर्थ जा सकती है।
इस लेख में आपको मिलेगा – आईएएस क्या है, कैसे बनते हैं, पात्रता क्या है, परीक्षा का पूरा ढांचा, वेतन, सुविधाएं और तैयारी की व्यावहारिक रणनीति। सब कुछ एक ही जगह, सरल हिंदी में।
1. आईएएस अधिकारी क्या होता है
आईएएस का पूरा नाम भारतीय प्रशासनिक सेवा (Indian Administrative Service) है। यह भारत सरकार की एक अखिल भारतीय सेवा है जिसकी स्थापना 1951 में हुई थी। ब्रिटिश काल की इंडियन सिविल सर्विस (आईसीएस) के स्थान पर इसे गठित किया गया।
एक आईएएस अधिकारी अपने करियर में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करता है। जिला स्तर पर वह जिलाधिकारी या कलेक्टर के रूप में पूरे जिले का प्रशासन संभालता है। राज्य सरकार में वह सचिव और प्रमुख सचिव के पद पर विभागों का नेतृत्व करता है। केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव, अपर सचिव और सचिव के रूप में नीति निर्माण में योगदान देता है। करियर के शीर्ष पर कैबिनेट सचिव का पद होता है जो देश का सर्वोच्च नौकरशाही पद है।
आईएएस अधिकारी के पास वास्तविक प्रशासनिक शक्ति होती है। वह सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू कराता है, भूमि अधिग्रहण और राजस्व विवादों का निपटारा करता है, आपदा प्रबंधन का नेतृत्व करता है और विकास परियोजनाओं की निगरानी करता है। एक कर्तव्यनिष्ठ जिलाधिकारी सचमुच लाखों जिंदगियां बदल सकता है।
2. आईएएस बनने का रास्ता
आईएएस बनने का एकमात्र रास्ता यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Examination) है। कोई शॉर्टकट नहीं है और कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। इस परीक्षा को तीन चरणों में पास करना होता है।
- किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण करें – किसी भी विषय से
- यूपीएससी की अधिसूचना (फरवरी-मार्च) आने पर ऑनलाइन आवेदन करें
- यूपीएससी प्रीलिम्स उत्तीर्ण करें
- यूपीएससी मेन्स (9 प्रश्नपत्र) उत्तीर्ण करें
- यूपीएससी साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण) में सफल हों
- अंतिम मेरिट सूची में आईएएस रैंक प्राप्त करें और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में प्रशिक्षण लें
यह परीक्षा प्रतिवर्ष एक बार आयोजित होती है। प्रीलिम्स सामान्यतः मई-जून में, मेन्स सितंबर-अक्टूबर में और साक्षात्कार फरवरी-अप्रैल में होता है। पूरी चयन प्रक्रिया में लगभग एक वर्ष लग जाता है।
3. यूपीएससी पात्रता – आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, प्रयास
3.1 शैक्षणिक योग्यता
किसी भी केंद्रीय या राज्य विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। विषय का कोई प्रतिबंध नहीं है। कला, विज्ञान, वाणिज्य, इंजीनियरिंग, चिकित्सा सभी स्वीकार्य हैं। दूरस्थ शिक्षा से प्राप्त डिग्री भी मान्य है यदि वह यूजीसी से अनुमोदित हो।
स्नातक के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी भी प्रीलिम्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। परिणाम अनंतिम (provisional) रहेगा और मेन्स में बैठने से पहले डिग्री प्रमाणपत्र देना होगा।
3.2 श्रेणीवार आयु सीमा और प्रयास
| श्रेणी | न्यूनतम आयु | अधिकतम आयु | प्रयासों की संख्या |
|---|---|---|---|
| सामान्य और ईडब्ल्यूएस | 21 वर्ष | 32 वर्ष | 6 बार |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) | 21 वर्ष | 35 वर्ष | 9 बार |
| अनुसूचित जाति और जनजाति | 21 वर्ष | 37 वर्ष | असीमित (आयु सीमा तक) |
| दिव्यांग – सामान्य वर्ग | 21 वर्ष | 42 वर्ष | 9 बार |
| दिव्यांग – ओबीसी | 21 वर्ष | 45 वर्ष | 9 बार |
| दिव्यांग – एससी/एसटी | 21 वर्ष | 47 वर्ष | असीमित |
| जम्मू-कश्मीर निवासी – सामान्य | 21 वर्ष | 37 वर्ष | 6 बार |
| भूतपूर्व सैनिक | 21 वर्ष | छूट उपलब्ध | श्रेणी अनुसार |
3.3 राष्ट्रीयता
आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के लिए केवल भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं। कुछ अन्य सेवाओं में नेपाल और भूटान के नागरिक भी पात्र होते हैं।
4. परीक्षा की संरचना – प्रीलिम्स, मेन्स और साक्षात्कार
4.1 पहला चरण – यूपीएससी प्रीलिम्स
प्रीलिम्स एक वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) स्क्रीनिंग परीक्षा है। इसमें दो प्रश्नपत्र होते हैं और दोनों एक ही दिन आयोजित होते हैं। यह परीक्षा केवल मेन्स में बैठने का अधिकार देती है, अंतिम मेरिट में इसके अंक नहीं जुड़ते।
| प्रश्नपत्र | विषय | प्रश्न | अंक | समय |
|---|---|---|---|---|
| सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 1 | इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, पर्यावरण, सामयिकी | 100 प्रश्न | 200 | 2 घंटे |
| सीसैट प्रश्नपत्र 2 | बोधगम्यता, तार्किक क्षमता, बुनियादी गणित, अंग्रेजी | 80 प्रश्न | 200 | 2 घंटे |
| महत्वपूर्ण जानकारी: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 1 मेरिट के लिए गिना जाता है। सीसैट केवल क्वालिफाइंग है जिसमें 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 1 में गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक काटे जाते हैं। |
4.2 दूसरा चरण – यूपीएससी मेन्स
मेन्स एक वर्णनात्मक लिखित परीक्षा है। इसमें कुल नौ प्रश्नपत्र होते हैं। दो प्रश्नपत्र क्वालिफाइंग होते हैं और सात प्रश्नपत्र मेरिट के लिए गिने जाते हैं। कुल मेरिट अंक 1750 होते हैं।
| प्रश्नपत्र | विषय | अंक | श्रेणी |
|---|---|---|---|
| प्रश्नपत्र अ | भारतीय भाषा (अनिवार्य) | 300 | क्वालिफाइंग |
| प्रश्नपत्र ब | अंग्रेजी | 300 | क्वालिफाइंग |
| प्रश्नपत्र 1 | निबंध | 250 | मेरिट में सम्मिलित |
| प्रश्नपत्र 2 | सामान्य अध्ययन 1 – इतिहास, भूगोल, समाज | 250 | मेरिट में सम्मिलित |
| प्रश्नपत्र 3 | सामान्य अध्ययन 2 – राजव्यवस्था, शासन, अंतर्राष्ट्रीय संबंध | 250 | मेरिट में सम्मिलित |
| प्रश्नपत्र 4 | सामान्य अध्ययन 3 – अर्थव्यवस्था, विज्ञान, पर्यावरण, सुरक्षा | 250 | मेरिट में सम्मिलित |
| प्रश्नपत्र 5 | सामान्य अध्ययन 4 – नीतिशास्त्र | 250 | मेरिट में सम्मिलित |
| प्रश्नपत्र 6 | वैकल्पिक विषय – प्रश्नपत्र 1 | 250 | मेरिट में सम्मिलित |
| प्रश्नपत्र 7 | वैकल्पिक विषय – प्रश्नपत्र 2 | 250 | मेरिट में सम्मिलित |
वैकल्पिक विषय अभ्यर्थी स्वयं चुनता है। यूपीएससी ने 48 विषय निर्धारित किए हैं जिनमें से एक चुनना होता है। इतिहास, भूगोल, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान जैसे विषय अधिकांश टॉपर्स पसंद करते हैं।
4.3 तीसरा चरण – साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण)
साक्षात्कार 275 अंकों का होता है और यूपीएससी बोर्ड के पांच सदस्य इसे लेते हैं। यह लगभग 45 मिनट का होता है। सामयिकी, वैकल्पिक विषय, राज्य से संबंधित प्रश्न और सामान्य जागरूकता पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। अभ्यर्थी का व्यक्तित्व, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और विश्लेषणात्मक सोच परखी जाती है।
| अंतिम मेरिट का सूत्र: मेन्स 1750 अंक + साक्षात्कार 275 अंक = कुल 2025 अंक।इसी के आधार पर अंतिम रैंक और सेवा आवंटन होता है। |
इसे भी देखें: UPSC CSE Booklist & Strategy 2026 by Aman Kumar
5. पाठ्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
यूपीएससी का पाठ्यक्रम अत्यंत विस्तृत है। यहां प्रमुख विषयों की संक्षिप्त जानकारी दी जा रही है। विस्तृत विषयवार पाठ्यक्रम के लिए हमारा यूपीएससी पाठ्यक्रम 2026 वाला लेख देखें।
| प्रश्नपत्र | मुख्य विषय |
|---|---|
| सामान्य अध्ययन 1 | भारत का इतिहास, विश्व इतिहास, भारतीय समाज, भौतिक और मानव भूगोल |
| सामान्य अध्ययन 2 | भारतीय राजव्यवस्था, संविधान, शासन, सामाजिक न्याय, अंतर्राष्ट्रीय संबंध |
| सामान्य अध्ययन 3 | भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा |
| सामान्य अध्ययन 4 | नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा, अभिवृत्ति – सैद्धांतिक प्रश्न और केस स्टडी |
| निबंध | दो निबंध – सामाजिक, दार्शनिक और समसामयिक विषयों पर |
| वैकल्पिक विषय | अभ्यर्थी की पसंद के अनुसार 48 विषयों में से एक |
6. आईएएस वेतन 2026 – वेतनमान, भत्ते और सुविधाएं
आईएएस अधिकारी का वेतन आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार निर्धारित होता है। यह वेतन पद और वरिष्ठता के अनुसार बढ़ता रहता है। नीचे पूरी वेतन श्रृंखला दी गई है।
6.1 पद के अनुसार वेतन
| पद और स्तर | वेतन स्तर | मूल वेतन | अनुमानित हाथ में वेतन |
|---|---|---|---|
| कनिष्ठ काल मानक – एसडीएम, एडीएम | स्तर 10 | 56,100 रुपये | लगभग 80,000 से 90,000 रुपये |
| वरिष्ठ काल मानक – जिलाधिकारी, कलेक्टर | स्तर 11 | 67,700 रुपये | लगभग 95,000 से 1,10,000 रुपये |
| कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड | स्तर 12 | 78,800 रुपये | लगभग 1,10,000 से 1,25,000 रुपये |
| चयन ग्रेड – संयुक्त सचिव | स्तर 13 | 1,18,500 रुपये | लगभग 1,50,000 रुपये से अधिक |
| सुपर टाइम स्केल – अतिरिक्त सचिव | स्तर 14 | 1,44,200 रुपये | लगभग 1,80,000 रुपये से अधिक |
| एचएजी स्केल – सचिव | स्तर 15-16 | 1,82,200 रुपये | लगभग 2,10,000 रुपये से अधिक |
| कैबिनेट सचिव | स्तर 18 (शीर्ष) | 2,50,000 रुपये | लगभग 2,80,000 रुपये से अधिक |
6.2 भत्ते और गैर-आर्थिक सुविधाएं
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| मकान किराया भत्ता (एचआरए) | मूल वेतन का 24 प्रतिशत (एक्स शहर), 16 प्रतिशत (वाई), 8 प्रतिशत (जेड) या सरकारी बंगला |
| महंगाई भत्ता (डीए) | प्रत्येक 6 महीने में संशोधित, वर्तमान में मूल वेतन का लगभग 50 प्रतिशत |
| यात्रा भत्ता (टीए) | आधिकारिक यात्राओं का पूर्ण प्रतिपूर्ति |
| सरकारी वाहन | कलेक्टर और उससे उच्च पदों पर आधिकारिक वाहन |
| सरकारी आवास | वरिष्ठ स्तरों पर सरकारी बंगला या आवास |
| चिकित्सा सुविधाएं | सीजीएचएस कार्ड – परिवार सहित सरकारी अस्पताल में निःशुल्क इलाज |
| सुरक्षा | पद की वरिष्ठता के अनुसार सुरक्षाकर्मी |
| पेंशन | वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सेवानिवृत्ति लाभ |
| अध्ययन अवकाश | उच्च शिक्षा के लिए सवेतन अवकाश की सुविधा |
7. तैयारी की रणनीति – चरणवार योजना
आईएएस की तैयारी को तीन चरणों में विभाजित करके देखना सबसे व्यावहारिक तरीका है। हर चरण की अपनी प्राथमिकताएं होती हैं।
7.1 पहला चरण – आधार निर्माण (3 से 4 महीने)
यह चरण उन लोगों के लिए है जो अभी शुरुआत कर रहे हैं। इस दौरान लक्ष्य होता है विषयों की समझ विकसित करना, न कि रटना।
- एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ें – कक्षा 6 से 12 तक इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र और विज्ञान
- प्रतिदिन एक घंटे समाचार पत्र पढ़ें – द हिंदू या इंडियन एक्सप्रेस। पहले दिन से नोट्स बनाने की आदत डालें
- यूपीएससी का पूरा पाठ्यक्रम एक बार ध्यान से पढ़ें। इससे आपको पता चलेगा कि क्या पढ़ना है और क्या नहीं
- वैकल्पिक विषय का चुनाव सोच-समझकर करें। अपनी रुचि, पृष्ठभूमि और सफलता दर देखकर निर्णय लें
7.2 दूसरा चरण – मुख्य तैयारी (6 से 8 महीने)
यह तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इसमें मानक पुस्तकें पढ़ना, पिछले वर्षों के प्रश्न हल करना और उत्तर लेखन अभ्यास प्रमुख कार्य हैं।
- मानक पुस्तकें पढ़ें – लक्ष्मीकांत (राजव्यवस्था), स्पेक्ट्रम (आधुनिक इतिहास), रमेश सिंह (अर्थव्यवस्था)
- पिछले 10 वर्षों के प्रश्नपत्र अवश्य हल करें। इससे परीक्षा का स्वरूप और महत्वपूर्ण विषय समझ में आते हैं
- सामयिक घटनाओं के नोट्स बनाते रहें। मासिक पत्रिका या विजन आईएएस नोट्स उपयोगी हैं
- प्रत्येक सप्ताह 2 से 3 मेन्स स्तर के उत्तर लिखें। उत्तर लेखन कौशल बिना अभ्यास के नहीं आता
- सप्ताह में एक पूर्ण मॉक टेस्ट दें और उसका गहन विश्लेषण करें
7.3 तीसरा चरण – पुनरावृत्ति और मॉक टेस्ट (2 से 3 महीने)
- इस चरण में कोई नया स्रोत मत पढ़ें। केवल जो पढ़ा है उसका पुनरावलोकन करें
- प्रतिदिन एक पूर्ण मॉक टेस्ट दें, फिर उसका विश्लेषण करें और कमजोर विषयों पर ध्यान दें
- उत्तर लेखन की गति बढ़ाएं। समय प्रबंधन का अभ्यास करें
- साक्षात्कार की तैयारी शुरू करें – डीएएफ भरें, मॉक साक्षात्कार दें
7.4 कोचिंग बनाम स्व-अध्ययन – वास्तविक तुलना
| पहलू | कोचिंग | स्व-अध्ययन |
|---|---|---|
| लागत | प्रति वर्ष 1 से 2 लाख रुपये (ऑफलाइन) | लगभग निःशुल्क (पुस्तकें 10,000 से 15,000 रुपये) |
| संरचना | तैयार कार्यक्रम मिलता है | स्व-अनुशासन आवश्यक |
| मार्गदर्शन | शिक्षकों से सीधा संवाद | ऑनलाइन संसाधन, मंच, यूट्यूब |
| सफलता दर | कोई गारंटी नहीं | कोई गारंटी नहीं |
| उपयुक्तता | जिन्हें व्यवस्थित माहौल चाहिए | स्व-प्रेरित अभ्यर्थियों के लिए समान रूप से प्रभावी |
| सत्य | वैकल्पिक है। अनेक टॉपर्स ने बिना कोचिंग के सफलता पाई है | पूरी तरह व्यावहारिक विकल्प |
8. महत्वपूर्ण पुस्तकें और संसाधन 2026
नीचे विषयवार उन पुस्तकों और संसाधनों की सूची है जिन्हें अधिकांश टॉपर्स ने उपयोगी पाया है।
| विषय | पुस्तक और संसाधन | लेखक |
|---|---|---|
| भारतीय राजव्यवस्था | इंडियन पॉलिटी (पांचवां संस्करण) | एम. लक्ष्मीकांत |
| आधुनिक इतिहास | ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ मॉडर्न इंडिया | राजीव अहीर (स्पेक्ट्रम) |
| प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास | प्राचीन भारत (पुरानी एनसीईआरटी) | आर. एस. शर्मा |
| भूगोल | सर्टिफिकेट फिजिकल एंड ह्यूमन ज्योग्राफी | जी. सी. लिऑन्ग |
| भारतीय अर्थव्यवस्था | इंडियन इकोनॉमी | रमेश सिंह |
| पर्यावरण और पारिस्थितिकी | एनवायरनमेंट एंड इकोलॉजी | माजिद हुसैन या शंकर आईएएस |
| नीतिशास्त्र | लेक्सिकन फॉर एथिक्स | क्रॉनिकल प्रकाशन |
| सामयिकी | विजन आईएएस मासिक पत्रिका या इनसाइट्स आईएएस | ऑनलाइन उपलब्ध |
| समाचार पत्र | द हिंदू या इंडियन एक्सप्रेस | प्रतिदिन 1 घंटा |
| एनसीईआरटी आधार | कक्षा 6 से 12 तक सभी विषय | एनसीईआरटी – निःशुल्क पीडीएफ उपलब्ध |
| मॉक टेस्ट | इनसाइट्स आईएएस, फोरम आईएएस, जीएस स्कोर | ऑनलाइन मंच |
9. आईएएस बनाम आईपीएस बनाम आईएफएस – तुलना
तीनों सेवाएं यूपीएससी की एक ही परीक्षा से भरी जाती हैं। अंतिम मेरिट और अभ्यर्थी की प्राथमिकता के आधार पर सेवा आवंटन होता है। आईएएस सर्वोच्च मेरिट वाले अभ्यर्थियों को मिलती है।
| पहलू | आईएएस | आईपीएस | आईएफएस |
|---|---|---|---|
| पूरा नाम | भारतीय प्रशासनिक सेवा | भारतीय पुलिस सेवा | भारतीय विदेश सेवा |
| प्राथमिक भूमिका | प्रशासन – जिलाधिकारी, कलेक्टर, सचिव | पुलिस – एसपी, डीआईजी, डीजीपी | कूटनीति – राजदूत, वाणिज्यदूत |
| प्रशिक्षण संस्थान | एलबीएसएनएए मसूरी | एसवीपीएनपीए हैदराबाद | एफएसओआई नई दिल्ली |
| प्रथम पद | सहायक कलेक्टर या एसडीएम | सहायक पुलिस अधीक्षक | तृतीय सचिव |
| कार्यक्षेत्र | पूरे भारत में – राज्य कैडर आवंटित | पूरे भारत में – राज्य कैडर | विदेशी दूतावास और विदेश मंत्रालय |
| प्रारंभिक मूल वेतन | लगभग 56,100 रुपये | लगभग 56,100 रुपये | लगभग 56,100 रुपये |
यदि आप आईपीएस या आईएफएस के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो हमारे आईपीएस कैसे बनें और आईएफएस कैसे बनें वाले लेख देखें।
10. शुरुआती लोगों की सामान्य गलतियां
अनेक अभ्यर्थी वर्षों तक मेहनत करते हैं लेकिन कुछ बुनियादी गलतियों के कारण सफलता नहीं मिलती। इन्हें जानकर आप उनसे बच सकते हैं।
- बहुत अधिक स्रोत पढ़ना – एक ही मानक पुस्तक को गहराई से पढ़ना बीस किताबों को सतही रूप से पढ़ने से बेहतर है
- प्रीलिम्स और मेन्स को अलग-अलग विषय की तरह पढ़ना – एकीकृत दृष्टिकोण से तैयारी अधिक प्रभावी होती है
- उत्तर लेखन अभ्यास की अनदेखी करना – मेन्स में यही सबसे अधिक महत्व रखता है और बिना अभ्यास के नहीं आता
- वैकल्पिक विषय का चुनाव बिना सोचे करना – दूसरों की देखादेखी विषय चुनना महंगा पड़ सकता है
- स्थिर सामग्री (Static GS) को नजरअंदाज करके केवल सामयिकी पर निर्भर रहना
- मॉक टेस्ट देना लेकिन उनका विश्लेषण न करना – विश्लेषण देना से अधिक महत्वपूर्ण है
- कोचिंग पर पूरी तरह निर्भर रहना – स्व-अध्ययन हर अभ्यर्थी के लिए आवश्यक है
- शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना – दो से तीन वर्ष की लंबी तैयारी में संतुलन जरूरी है
11. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आईएएस बनने के लिए न्यूनतम अंक कितने चाहिए?
यूपीएससी सिविल सेवा में कोई न्यूनतम अंक की बाध्यता नहीं है। स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है। व्यावहारिक रूप से देखें तो सामान्य वर्ग के लिए प्रीलिम्स कटऑफ 90 से 105 अंक (200 में से) के आसपास रहती है, जो प्रत्येक वर्ष बदलती है।
आईएएस की सैलरी 2026 में कितनी होती है?
आठवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद आईएएस अधिकारी की मूल वेतन लगभग 56,100 रुपये प्रति माह (जूनियर टाइम स्केल) से शुरू होती है। कैबिनेट सचिव स्तर पर यह 2,50,000 रुपये प्रति माह तक पहुंच सकती है। हाथ में मिलने वाली राशि में एचआरए, डीए, टीए और अन्य भत्ते जुड़कर इसे काफी अधिक बना देते हैं।
12वीं के बाद आईएएस की तैयारी कब शुरू करें?
12वीं के बाद ही एनसीईआरटी पुस्तकें पढ़ना और समाचार पत्र पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। स्नातक के अंतिम वर्ष में पूरी तरह से तैयारी शुरू करना सबसे प्रभावी रहता है। अनुभवी टॉपर्स के अनुसार 1.5 से 2 वर्ष की समर्पित तैयारी आईएएस के लिए आवश्यक है।
आईएएस बनने में कितने साल लगते हैं?
स्नातक (3 से 4 वर्ष) के बाद यूपीएससी की तैयारी में औसतन 2 से 3 वर्ष लगते हैं। यदि पहले प्रयास में चयन हो जाए तो स्नातक के 2 वर्ष बाद, लेकिन औसत अभ्यर्थी को 2 से 3 प्रयास लगते हैं। कुल मिलाकर 5 से 7 वर्ष का सफर सामान्य है।
क्या कला संकाय का विद्यार्थी आईएएस बन सकता है?
बिल्कुल। यूपीएससी में किसी भी संकाय की बाध्यता नहीं है। कला, विज्ञान, वाणिज्य, अभियांत्रिकी, किसी से भी स्नातक करने के बाद आवेदन किया जा सकता है। अनेक टॉपर्स कला पृष्ठभूमि से आए हैं।
यूपीएससी में कितने प्रयास मिलते हैं?
सामान्य वर्ग को 6 प्रयास (21 से 32 वर्ष आयु), ओबीसी को 9 प्रयास (21 से 35 वर्ष), अनुसूचित जाति और जनजाति को आयु सीमा तक असीमित प्रयास (21 से 37 वर्ष) मिलते हैं।
यूपीएससी प्रीलिम्स और मेन्स में क्या अंतर है?
प्रीलिम्स एक वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) स्क्रीनिंग परीक्षा है जिसमें 2 प्रश्नपत्र होते हैं। मेन्स एक वर्णनात्मक लिखित परीक्षा है जिसमें 9 प्रश्नपत्र होते हैं। प्रीलिम्स केवल मेन्स के लिए क्वालिफाई कराता है जबकि अंतिम मेरिट मेन्स और साक्षात्कार के अंकों से बनती है।
आईएएस और आईपीएस में कौन बड़ा होता है?
दोनों आईएएस और आईपीएस अखिल भारतीय सेवाएं हैं और दोनों समान रूप से प्रतिष्ठित हैं। आईएएस अधिकारी प्रशासनिक कार्य संभालते हैं जैसे जिला मजिस्ट्रेट, सचिव आदि, जबकि आईपीएस अधिकारी पुलिस प्रशासन संभालते हैं। परंपरागत रूप से जिला मजिस्ट्रेट का पद आईएएस के पास होने से उन्हें थोड़ी अधिक प्रशासनिक शक्ति मिलती है।
निष्कर्ष
आईएएस बनना कठिन जरूर है, असंभव नहीं। हर वर्ष सैकड़ों ऐसे अभ्यर्थी इस सेवा में चुने जाते हैं जो साधारण परिवारों से आते हैं, जिनके पास महंगी कोचिंग नहीं थी, लेकिन जिनके पास दृढ़ संकल्प और सही रणनीति थी।
इस लेख में जो रास्ता बताया गया है वह उन्हीं सफल अभ्यर्थियों के अनुभवों पर आधारित है। पात्रता जांच करें, तैयारी आज शुरू करें, नियमित रहें और उत्तर लेखन का अभ्यास करना कभी न भूलें।
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