अगर आप यह सोच रहे हैं कि 2025 में Safety Engineer बनकर आप कितनी कमाई कर सकते हैं, तो यह सवाल बिल्कुल जायज़ है। आज हर उद्योग—चाहे कंस्ट्रक्शन हो, ऑयल एंड गैस हो, या मैन्युफैक्चरिंग—सुरक्षा को सबसे ऊपर रख रहा है। ऐसे में Safety Engineers की मांग लगातार बढ़ रही है और इनके लिए बेहतर सैलरी पैकेज भी मिल रहे हैं।
इस आर्टिकल में हम सरल भाषा में समझेंगे कि Safety Engineer की औसत सैलरी भारत में कितनी होती है, राज्य-वार कितना फर्क पड़ता है, अनुभव का कितना असर होता है, और कौन-सी इंडस्ट्री सबसे ज्यादा पे करती है।
Safety Engineer क्या काम करते हैं?
Safety Engineer का काम सिर्फ “हेलमेट चेक करना” नहीं होता—यह एक बहुत जिम्मेदारी वाला प्रोफेशन है। इनका मुख्य रोल होता है—
• कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को लागू करना
• संभावित जोखिमों को पहचानना
• दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्लान बनाना
• यह सुनिश्चित करना कि कंपनी सुरक्षा कानूनों और सरकारी नियमों का पालन कर रही है
कंस्ट्रक्शन, मैन्युफैक्चरिंग, ऑयल एंड गैस, केमिकल, माइनिंग जैसी इंडस्ट्रीज में Safety Engineers की भारी मांग रहती है।
National Average Safety Engineer Salary in India 2025
2025 के अनुसार, भारत में Safety Engineer की औसत सैलरी 4–6 लाख रुपये प्रति वर्ष के बीच रहती है।
लेकिन ध्यान रखें—सैलरी कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है। इसलिए आप यह भी देखेंगे कि किसी की कमाई 2 लाख है और किसी की 15 लाख सालाना भी।
अलग-अलग स्रोतों के अनुसार सैलरी तुलना:
| स्रोत | औसत वार्षिक वेतन (₹) | रेंज |
|---|---|---|
| AmbitionBox | 4.1 लाख | 2.3 – 9.6 लाख |
| Indeed | 3 लाख | – |
| PayScale | 4.14 लाख | 1.78 – 10 लाख |
| SalaryExpert / ERI | 17 लाख | 10 – 20 लाख |
अनुभव के आधार पर Safety Engineer की सैलरी
अनुभव बढ़ते ही सैलरी भी मजबूत होती जाती है। नीचे एक अनुमानित ब्रेकडाउन है:अनुभव स्तर वार्षिक सैलरी (₹ लाख में) फ्रेशर (0–2 वर्ष) 3 – 5 लाख मिड-लेवल (3–7 वर्ष) 6 – 10 लाख सीनियर लेवल (8+ वर्ष) 10 – 15 लाख मैनेजमेंट/स्पेशलाइज्ड रोल 15 लाख से अधिक
Tips: NEBOSH, IOSH, OSHA जैसे सर्टिफिकेशन रखने वालों की सैलरी 20–40% तक ज्यादा होती है।
State-wise Safety Engineer Salary in India
भारत के हर राज्य में इंडस्ट्री और कॉस्ट ऑफ लिविंग अलग होती है। इसी वजह से एक ही प्रोफाइल की सैलरी अलग-अलग जगहों पर बदल जाती है।राज्य औसत वार्षिक सैलरी (₹ लाख) रेंज (₹ लाख) प्रमुख सेक्टर / शहर महाराष्ट्र 5.25 1.9 – 9.0 मुंबई, पुणे — ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग कर्नाटक 5.4 2.2 – 8.6 बेंगलुरु — टेक और इंडस्ट्रियल सेफ्टी तमिलनाडु 5.5 2.0 – 9.0 चेन्नई — IT, ऑटोमोटिव दिल्ली 5.95 2.6 – 9.3 सरकारी + प्राइवेट प्रोजेक्ट्स गुजरात 5.8 2.2 – 10.9 केमिकल, रिफाइनरी तेलंगाना 4.75 2.4 – 7.1 फार्मा & IT पश्चिम बंगाल 4.65 1.8 – 7.5 माइनिंग, इंडस्ट्रियल आंध्र प्रदेश 5.65 2.3 – 9.0 पोर्ट & शिपिंग
अन्य राज्य:
• उत्तर प्रदेश: 4–6 लाख
• राजस्थान: 3.5–7 लाख
• केरल: 4–8 लाख
• पंजाब/हरियाणा: 3–7 लाख
राज्य-वार सैलरी में फर्क क्यों आता है?
- इंडस्ट्रियल प्रेजेंस: जहाँ फैक्ट्रीज़ और बड़े प्लांट अधिक हैं (जैसे महाराष्ट्र, गुजरात), वहाँ Safety Engineers की मांग भी ऊँची होती है।
- कॉस्ट ऑफ लिविंग: दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में जीवन खर्च ज्यादा है, इसलिए कंपनियाँ सैलरी भी अधिक देती हैं।
- सरकारी नियम और सेफ्टी पॉलिसी: जहाँ कंपनियाँ सख्त सुरक्षा मानकों का पालन करती हैं, वहाँ योग्य Safety Engineer को अच्छा भुगतान मिलता है।
- Skills और Certification: NEBOSH/IOSH वाले इंजीनियरों को प्रीमियम पैकेज मिलता है।
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Industry-wise Safety Engineer Salary
कुछ इंडस्ट्रीज़ Safety Engineers को बहुत अच्छे पैकेज देती हैं, खासकर जहाँ जोखिम अधिक होता है।इंडस्ट्री औसत वार्षिक सैलरी (₹ लाख) ऑयल एंड गैस 6 – 15 केमिकल / पेट्रोकेमिकल 5 – 12 माइनिंग 4.5 – 10 पावर सेक्टर 5 – 11 कंस्ट्रक्शन 3.5 – 8 मैन्युफैक्चरिंग 4 – 9
बेहतर सैलरी पाने के लिए आवश्यक टिप्स
यदि आप Safety Engineering में अच्छा पैकेज पाना चाहते हैं, तो ये उपाय बेहद उपयोगी हैं:
• NEBOSH/IOSH जैसे इंटरनेशनल सर्टिफिकेट करें
• प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस और साइट एक्सपोजर बढ़ाएँ
• MNCs और बड़े प्लांट्स को टारगेट करें
• LinkedIn पर नेटवर्किंग मजबूत करें
• मेट्रो शहरों में मौके तलाशें जहाँ डिमांड अधिक होती है
Safety Engineer Salary – FAQ
Safety Engineer की औसत सैलरी कितनी है?
औसतन 3.5 से 12 लाख रुपये प्रति वर्ष, अनुभव और इंडस्ट्री पर निर्भर।
किस राज्य में Safety Engineers सबसे अधिक कमाते हैं?
मुख्यतः महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु।
सरकारी नौकरी में सैलरी कैसी होती है?
शुरुआत में थोड़ी कम लेकिन PERKS, भत्ते और स्थिरता इसे आकर्षक बनाते हैं।
NEBOSH सर्टिफिकेट का कितना असर पड़ता है?
औसतन 25–40% तक सैलरी बढ़ सकती है।
किन इंडस्ट्रीज़ में सबसे ज्यादा कमाई होती है?
ऑयल एंड गैस, केमिकल, माइनिंग और पावर सेक्टर।
निष्कर्ष
साफ है कि 2026 में Safety Engineer की सैलरी लगातार बढ़ रही है। आज कंपनियाँ सुरक्षा को सिर्फ एक “डिपार्टमेंट” नहीं, बल्कि अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता मान रही हैं। यही कारण है कि Safety Engineers को 4–6 लाख की औसत सैलरी के साथ-साथ शानदार ग्रोथ भी मिल रही है।
अगर आपके पास अनुभव, सही सर्टिफिकेशन और तकनीकी समझ है, तो आप आसानी से 10–15 लाख सालाना या उससे अधिक भी कमा सकते हैं।

