गोरखपुर | DDU कैंपस से ग्राउंड रिपोर्ट
BJMC छात्रों से 3 साल से 18,000 रुपये लैब फीस ली जा रही है, जबकि मीडिया लैब आज भी अधूरी है।
विभाग ने 14 नवंबर 2025 को मीडिया लैब के उद्घाटन की तारीख तय की थी, लेकिन लैब तैयार न होने पर कार्यक्रम रोकना पड़ा। छात्रों ने पोस्टर पर लिखा: “जब तक मीडिया लैब नहीं बनेगी, उद्घाटन नहीं होगा।”
छात्रों का विरोध सुबह से विभाग के बाहर इकट्ठे होकर अधूरी लैब और भ्रामक उद्घाटन पोस्टर पर नाराज़गी जताते रहे।
इंजीनियर की कार्रवाई लैब निर्माण देखने वाले इंजीनियर ने मौके पर ही इस्तीफा दे दिया।
छात्रों की मांग कुलपति (VC) को बुलाकर स्पष्ट जवाब देने की माँग; छात्रों का कहना—“उद्घाटन का पोस्टर लगाकर हमें गुमराह किया गया।”
प्रशासनिक स्थिति समेत विश्वविद्यालय अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए।
छात्रों के आरोप – 18,000 फीस ली गई, लैब अधूरी
उद्घाटन की तारीख तय कर पोस्टर लगा दिया, जबकि लैब बनी ही नहीं
प्रशासन शांत, पुलिस भी मौजूद—लेकिन जवाब किसी के पास नहीं
विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर पुलिस तक मौके पर मौजूद है, लेकिन कोई भी सवालों का जवाब देने को तैयार नहीं था। इंजीनियर और अफसर चुपचाप खड़े रहे और छात्रों को शांत कराने की कोशिश करते रहे।
धरने पर बैठे छात्रों ने कहा कि अगर किसी भी तरह का कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
“लैब नहीं बनी, शिक्षा पर असर”
छात्रों का कहना है कि अधूरी लैब के कारण:
प्रैक्टिकल क्लासेज़ नहीं हो पा रहीं
जर्नलिज़्म की तकनीकी ट्रेनिंग अधूरी रह जा रही
इंटर्नशिप और प्लेसमेंट में दिक्कतें
कोर्स की गुणवत्ता पर भारी असर
“हमने समय-समय पर शिकायत की लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला।” छात्रों ने कहा।
DDU प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं
घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। फिलहाल छात्र अपने स्टैंड पर अड़े हुए हैं और लैब की वास्तविक स्थिति व फीस का हिसाब माँग रहे हैं।
इंजीनियर ने मौके पर दिया इस्तीफा
लैब निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहे इंजीनियर ने छात्रों की नाराज़गी और सवालों के बीच मौके पर ही इस्तीफा दे दिया। इससे छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। छात्रों का कहना है कि तीन साल से बार-बार शिकायत करने पर भी काम पूरा न होना गंभीर लापरवाही है।
छात्र कुलपति को बुलाने पर अड़े
छात्रों ने स्पष्ट कहा कि जब तक कुलपति (VC) स्वयं आकर लैब की स्थिति, फीस और देरी का कारण नहीं बताएँगे, धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। छात्रों का आरोप है कि उन्हें “उद्घाटन कार्यक्रम” के नाम पर गुमराह किया गया, जबकि लैब अभी निर्माणाधीन है।
