National Education Day 2025: क्या आप जानते हैं कि भारत में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार कौन-कौन सी योजनाएं चला रही है? राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2025 (National Education Day 2025) के अवसर पर आज हम आपको बताएंगे उन सभी महत्वपूर्ण सरकारी शिक्षा योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में, जो देश में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और तकनीक-आधारित शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2025: महत्व और उद्देश्य
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) हर वर्ष 11 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने स्वतंत्र भारत की शिक्षा प्रणाली की नींव रखी और आधुनिक शैक्षिक संस्थानों जैसे UGC, IITs और IISc की स्थापना में अहम भूमिका निभाई।
भारत सरकार ने 2008 में घोषणा की थी कि हर वर्ष 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन का उद्देश्य समाज में शिक्षा के प्रसार, समानता, नवाचार और जागरूकता को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2025 की थीम
साल 2025 के लिए भारत सरकार की ओर से विशेष थीम की घोषणा अभी तक नहीं की गई है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा जारी वैश्विक शिक्षा थीम है —
“AI and Education: Preserving Human Agency in a World of Automation”,
जिसका अर्थ है — “कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में मानव मूल्यों और नियंत्रण को बनाए रखना।”
यह थीम भारत में तकनीक और मानवीय शिक्षा के बीच संतुलन को दर्शाती है।
केंद्र सरकार की शीर्ष शिक्षा योजनाएं और कार्यक्रम (Top Education Schemes 2025)
| योजना / कार्यक्रम | आरंभ वर्ष | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 | 2020 | भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना; कौशल, नवाचार और समावेशी शिक्षा पर बल देना। |
| पीएम-श्री विद्यालय योजना (PM SHRI Schools) | 2022 | देशभर के 14,500 स्कूलों को आदर्श विद्यालयों में बदलना और NEP 2020 के सिद्धांतों को लागू करना। |
| समग्र शिक्षा योजना (Samagra Shiksha) | 2021 | स्कूल शिक्षा को एकीकृत कर डिजिटल शिक्षा, अधोसंरचना और समान अवसर प्रदान करना। |
| प्रेरणा कार्यक्रम (PRERNA) | 2024 | छात्रों में नेतृत्व, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने के लिए अनुभवात्मक आवासीय शिक्षा कार्यक्रम। |
| उल्लास (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) | 2022 | 15 वर्ष से अधिक आयु वाले वयस्कों को साक्षर बनाना और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना। |
| निपुण भारत मिशन (NIPUN Bharat) | 2021 | कक्षा 3 तक के बच्चों में मूलभूत साक्षरता और गणनात्मक कौशल विकसित करना। |
| विद्या प्रवेश कार्यक्रम (Vidya Pravesh) | 2021 | पहली कक्षा में प्रवेश करने वाले बच्चों के लिए तीन माह का खेल-आधारित शिक्षण कार्यक्रम। |
| विद्यांजली योजना (Vidyanjali) | 2021 | सरकारी स्कूलों में सामुदायिक और कॉर्पोरेट भागीदारी को प्रोत्साहित कर संसाधनों का विकास। |
| दीक्षा पोर्टल (DIKSHA) | 2017 | शिक्षकों के प्रशिक्षण और ई-कंटेंट वितरण के लिए राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म। |
| स्वयम प्लस (SWAYAM Plus) | 2024 | उद्योग आधारित ऑनलाइन कोर्स और उच्च शिक्षा में रोजगार क्षमता बढ़ाना। |
| निष्ठा कार्यक्रम (NISHTHA) | 2019 | शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास के लिए राष्ट्रीय पहल। |
| एनआईआरएफ रैंकिंग (NIRF Ranking) | 2015 | उच्च शिक्षा संस्थानों का गुणवत्ता-आधारित मूल्यांकन और रैंकिंग प्रणाली। |
| पीएम-विद्या लक्ष्मी योजना (PM Vidyalakshmi) | 2024 | देश के शीर्ष संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को शिक्षा ऋण सहायता प्रदान करना। |
प्रत्येक योजना का विस्तृत विवरण
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020)
29 जुलाई 2020 को शुरू की गई यह नीति भारत की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह परिवर्तित करने के उद्देश्य से लाई गई थी। यह लचीलापन, कौशल आधारित सीख और मातृभाषा में शिक्षा पर बल देती है। - पीएम-श्री विद्यालय योजना (PM SHRI Schools)
7 सितंबर 2022 को आरंभ इस योजना के तहत ₹27,360 करोड़ की लागत से 14,500 स्कूलों को मॉडर्न मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है। इसका फोकस 21वीं सदी के कौशल, डिजिटल साक्षरता और नवाचार पर है। - समग्र शिक्षा योजना (Samagra Shiksha)
यह योजना पूर्व-प्राथमिक से लेकर कक्षा 12 तक शिक्षा के सभी स्तरों को एकीकृत करती है। इसका उद्देश्य शिक्षण गुणवत्ता सुधार, डिजिटल लर्निंग और अधोसंरचना को मजबूत करना है। - प्रेरणा कार्यक्रम (PRERNA)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनवरी 2024 में गुजरात के वडनगर से लॉन्च किया गया यह कार्यक्रम कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए आवासीय अनुभवात्मक शिक्षण पहल है। - उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (ULLAS / NILP)
2022 से 2027 तक चलने वाला यह कार्यक्रम उन वयस्कों के लिए है जिन्होंने औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की। यह साक्षरता और डिजिटल ज्ञान के माध्यम से समाजिक भागीदारी बढ़ाता है। - निपुण भारत मिशन (NIPUN Bharat)
5 जुलाई 2021 को शुरू, इस मिशन का लक्ष्य है कि 2026-27 तक हर बच्चा पढ़ने और गणना की मूलभूत दक्षता प्राप्त करे। - विद्या प्रवेश कार्यक्रम (Vidya Pravesh)
तीन माह का खेल आधारित शिक्षण मॉड्यूल, जिससे बच्चों को औपचारिक शिक्षा में सहज रूप से जोड़ा जा सके। - विद्यांजली योजना (Vidyanjali)
यह योजना नागरिकों, NGO और कंपनियों को सरकारी स्कूलों के विकास में भागीदार बनाती है। इससे शिक्षा व्यवस्था में सामाजिक सहयोग को बढ़ावा मिला है। - दीक्षा पोर्टल (DIKSHA)
यह प्लेटफॉर्म शिक्षकों को ई-कंटेंट, प्रशिक्षण मॉड्यूल और लेसन प्लान उपलब्ध कराता है। यह भारत के हर राज्य की आवश्यकता के अनुसार अनुकूलित किया गया है। - स्वयम प्लस (SWAYAM Plus)
यह ऑनलाइन शिक्षा पहल छात्रों को आधुनिक कौशल और उद्योग आधारित कोर्स प्रदान करती है। इसका उद्देश्य है युवाओं को ग्लोबल मार्केट के अनुरूप तैयार करना। - निष्ठा कार्यक्रम (NISHTHA)
शिक्षकों के पेशेवर विकास के लिए शुरू हुआ यह कार्यक्रम DIKSHA प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है। इससे शिक्षण प्रक्रिया में आधुनिक दृष्टिकोण आया है। - एनआईआरएफ रैंकिंग (NIRF Ranking)
यह ढांचा भारत के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का मूल्यांकन शिक्षण, शोध, नवाचार और प्रतिष्ठा के आधार पर करता है, जिससे प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है। - पीएम-विद्या लक्ष्मी योजना (PM Vidyalakshmi)
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को शिक्षा ऋण प्रदान करती है। इसके माध्यम से 860 शीर्ष संस्थानों में पढ़ने वाले 22 लाख से अधिक छात्र हर साल लाभान्वित होते हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2025 केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत के शिक्षा तंत्र में सतत सुधार की दिशा में एक प्रेरणा है। केंद्र सरकार की ये सभी योजनाएं — NEP 2020, पीएम-श्री स्कूल, समग्र शिक्षा, निपुण भारत, दीक्षा, स्वयम प्लस, प्रेरणा, उल्लास और विद्या लक्ष्मी योजना — भारत को एक ज्ञान आधारित समाज की ओर अग्रसर कर रही हैं।
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