मेरे छोटे भाई मुकुल की 10वीं की बोर्ड परीक्षाएँ शुरू होने वाली हैं। मैंने उससे पूछा कि 10वीं के बाद वह कौन-सा स्ट्रीम चुनना चाहता है—Science, Commerce या Arts। लेकिन वह सही से जवाब नहीं दे पाया… और सच कहूँ तो मुझे बिल्कुल हैरानी नहीं हुई। क्योंकि मुझे अपना 10वीं के बाद वाला समय याद आ गया—जब मैं भी बिल्कुल ऐसा ही कन्फ्यूज़ था। रिजल्ट के बाद हर कोई सलाह देता था, लेकिन समझ नहीं आता था कि मेरे लिए सही क्या है। इसीलिए आज के इस आर्टिकल में मैंने 10वीं के बाद स्ट्रीम चुनने से जुड़ी हर जरूरी बात को आसान भाषा में detail में समझाया है, ताकि आप गलत फैसला लेने से बच सकें और अपने लिए सही रास्ता चुन सकें।
10वीं कक्षा (Class 10th) की परीक्षाएं खत्म होते ही या रिजल्ट आने के वक्त, हर छात्र के मन में एक ही सवाल सबसे ज्यादा गूंजता है— “Science लूं, Commerce लूं या Arts?”
यह सवाल सिर्फ एक ‘सब्जेक्ट’ चुनने का नहीं है, बल्कि यह आपके अगले 40 साल के करियर, आपकी लाइफस्टाइल और आपकी पहचान का सवाल है। भारत में अक्सर यह फैसला “पड़ोसी का बेटा क्या कर रहा है” या “पापा क्या चाहते हैं” के आधार पर लिया जाता है। लेकिन, एक करियर काउंसलर के तौर पर मेरा यह स्पष्ट मानना है कि गलत स्ट्रीम चुनना एक ऐसी गलती है जिसका पछतावा छात्र को कॉलेज के दिनों तक रहता है।
इस आर्टिकल में हम बिना किसी लाग-लपेट के, पूरी ईमानदारी से समझेंगे कि Science, Commerce और Arts में से आपके लिए वास्तव में कौन सा स्ट्रीम सही है। हम सैलरी, स्कोप, मेहनत और मार्केट की सच्चाई (Reality Check) पर बात करेंगे।
Why Choosing the Right Career Path is Crucial?
ज्यादातर छात्र स्ट्रीम का चुनाव ‘मार्क्स’ के आधार पर करते हैं। अगर 90% आए तो साइंस, 70-80% आए तो कॉमर्स और उससे कम आए तो आर्ट्स। यह भारतीय शिक्षा व्यवस्था (Indian Education System) का सबसे बड़ा झूठ और सबसे खतरनाक पैमाना है।
सच्चाई यह है कि एक सफल वकील (Arts stream) एक औसत इंजीनियर (Science stream) से कई गुना ज्यादा कमा सकता है। स्ट्रीम का चुनाव आपकी रुचि (Interest), क्षमता (Aptitude) और करियर लक्ष्य (Career Goal) पर होना चाहिए, न कि सिर्फ 10वीं के नंबरों पर।
Career Options Overview: At a Glance
फैसला लेने से पहले, तीनों स्ट्रीम्स की एक तुलनात्मक (comparative) तस्वीर देखना जरूरी है।
| फीचर (Feature) | Science Stream | Commerce Stream | Arts / Humanities Stream |
| मुख्य फोकस | तकनीकी, मेडिकल, रिसर्च, लॉजिक | फाइनेंस, बिजनेस, इकोनॉमिक्स, मैनेजमेंट | समाज, कानून, भाषा, क्रिएटिविटी, प्रशासन |
| प्रेशर लेवल | बहुत ज्यादा (High Pressure) | मध्यम से उच्च (Moderate to High) | मध्यम (Moderate) |
| प्रमुख करियर | Engineer, Doctor, Scientist, Pilot, Architect | CA, CS, Banker, MBA, Entrepreneur | IAS/IPS, Lawyer, Journalist, Designer, Professor |
| पढ़ाई का खर्च | काफी महंगा (खासकर कोचिंग और कॉलेज) | मध्यम (Self-study संभव है) | कम/किफायती (Low Cost) |
| मैथ्स की जरूरत | PCM में अनिवार्य, PCB में नहीं | बहुत जरूरी (खासकर CA/Finance के लिए) | जरूरी नहीं (Optional) |
| Salary Scope | High (Skill dependent) | High (Experience dependent) | Moderate to High (Role dependent) |
वैसे तो 10वीं के बाद ढेर सारे रास्ते खुलते हैं, लेकिन सही रास्ता वही है जो आपकी मंजिल तक जाए। अगर आप विस्तार से जानना चाहते हैं कि मार्केट में कौन-कौन से जॉब-ओरिएंटेड विकल्प मौजूद हैं, तो हमारी विस्तृत गाइड Best Career Options After 10th जरूर पढ़ें। इससे आपको एक बड़ी तस्वीर देखने को मिलेगी।”
1. Science Stream: Is it Really the Best Option?
भारत में साइंस को “गोल्ड स्टैंडर्ड” माना जाता है। लेकिन क्या यह सबके लिए है? साइंस स्ट्रीम दो भागों में बंटी है: PCM (Physics, Chemistry, Math) और PCB (Physics, Chemistry, Biology)।
करियर ऑप्शन्स (Detailed):

- Engineering & Safety: इंजीनियरिंग के अलावा ‘इंडस्ट्रियल सेफ्टी’ भी एक हाई-सैलरी फील्ड है। अगर आप विदेश में सेफ्टी ऑफिसर बनकर लाखों कमाना चाहते हैं, तो NEBOSH Course Details चेक करें। यह एक ऐसा सर्टिफिकेट है जो टेक्निकल जॉब्स में बहुत मांग रखता है।
- Medical (MBBS/BDS/BAMS): PCB वालों के लिए। यह एक लंबा रास्ता है (5.5 साल + MD)। इसमें सेवा भाव और धैर्य (Patience) की सबसे ज्यादा जरूरत है।
- Architecture & Pilot: अगर आपकी फिजिक्स और मैथ्स अच्छी है, तो आप कमर्शियल पायलट बन सकते हैं या B.Arch कर सकते हैं।
- Merchant Navy (मर्चेंट नेवी): अगर आपको समंदर और एडवेंचर पसंद है, तो आप 10वीं के बाद ही मर्चेंट नेवी ज्वाइन कर सकते हैं। इसके लिए GP Rating Course सबसे लोकप्रिय एंट्री लेवल कोर्स है, जो आपको कम उम्र में अच्छी सैलरी दिला सकता है।
- Research & Teaching: Scientist या Professor बनने के लिए यह बेस्ट रास्ता है।
किसे लेना चाहिए?
अगर आप चीजों के पीछे का ‘कारण’ (Why & How) जानने में उत्सुक रहते हैं, आप घंटों बैठकर पढ़ाई (10-12 घंटे) कर सकते हैं, और कॉन्सेप्ट्स को रटने की जगह समझने में यकीन रखते हैं, तो ही साइंस लें।
Reality Check:
साइंस लेने का मतलब है—कोचिंग की दौड़। 11वीं-12वीं में स्कूल और कोचिंग के बीच आपकी सोशल लाइफ खत्म हो सकती है। अगर आप JEE/NEET क्रैक नहीं कर पाते, तो प्लान B तैयार रखना जरूरी है।
2. Commerce Stream: Not Just for “Shopkeepers”
कॉमर्स को अक्सर साइंस का ‘बैकअप’ माना जाता था, लेकिन आज के स्टार्टअप और फिनटेक (Fintech) के जमाने में यह सबसे हॉट स्ट्रीम है। यह आपको Money Management और Business सिखाता है।
करियर ऑप्शन्स (Detailed):
- Chartered Accountant (CA): यह कॉमर्स का सबसे प्रतिष्ठित और कठिन कोर्स है। एक CA की साइन की वैल्यू किसी भी कंपनी के लिए बहुत बड़ी होती है।
- Company Secretary (CS) & CMA: अगर आपको लॉ और कॉर्पोरेट रूल्स में दिलचस्पी है, तो CS एक बेहतरीन विकल्प है।
- Investment Banking & MBA: बी.कॉम के बाद MBA (Finance) करके आप शेयर मार्केट, बैंकिंग और एमएनसी में लाखों के पैकेज पर काम कर सकते हैं।
- Digital Marketing & Entrepreneurship: अपना बिजनेस शुरू करने के लिए कॉमर्स की समझ बहुत काम आती है।
किसे लेना चाहिए?
अगर आपको नंबर्स (Numbers) से प्यार है, आप जानना चाहते हैं कि देश की इकोनॉमी कैसे काम करती है, शेयर बाजार कैसे चलता है, और आप कैलकुलेशन में तेज हैं, तो कॉमर्स आपके लिए है।
Reality Check:
बिना मैथ्स के कॉमर्स (Commerce without Maths) लेने पर करियर के रास्ते थोड़े सीमित हो जाते हैं। अच्छे कॉलेजों (जैसे DU SRCC) में एडमिशन के लिए 12वीं में बहुत हाई कट-ऑफ चाहिए होती है।
3. Arts / Humanities: Is it Only for Weak Students?
यह समाज की सबसे बड़ी गलतफहमी है कि आर्ट्स वो लेते हैं जो पढ़ाई में कमजोर होते हैं। हकीकत यह है कि देश चलाने वाले IAS/IPS ऑफिसर्स, समाज को आईना दिखाने वाले पत्रकार, और न्याय दिलाने वाले वकील इसी स्ट्रीम से निकलते हैं।
करियर ऑप्शन्स (Detailed):
- Civil Services (UPSC): आर्ट्स के विषय (History, Geography, Polity) यूपीएससी के सिलेबस का 70% हिस्सा कवर करते हैं। अगर आपका सपना IAS/IPS बनने का है, तो अभी से सही किताबों का चयन करना जरूरी है। इसके लिए आप हमारी UPSC CSE Booklist & Strategy गाइड देख सकते हैं, जिससे आपको तैयारी शुरू करने में मदद मिलेगी।
- Law (BA LLB): 12वीं के बाद CLAT देकर आप नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में जा सकते हैं। कॉर्पोरेट लॉयर्स की सैलरी इंजीनियर्स से कम नहीं होती।
- Mass Communication & Journalism: मीडिया, टीवी एंकरिंग, कंटेंट राइटिंग और पीआर (PR)।
- Psychology & Design: आज के दौर में मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स और ग्राफिक/फैशन डिजाइनर्स की भारी मांग है।
किसे लेना चाहिए?
अगर आपकी भाषा (Language) पर पकड़ है, आप सामाजिक मुद्दों पर सोचते हैं, आपकी ऑब्जर्वेशन पावर अच्छी है, और आप क्रिएटिव हैं, तो आर्ट्स लें।
Reality Check:
आर्ट्स में शुरुआती सैलरी (Starting Salary) साइंस और कॉमर्स की तुलना में कम हो सकती है। लेकिन अगर आप Government Jobs की तैयारी कर रहे हैं, तो स्कोप बहुत बड़ा है। यहाँ “डिग्री” से ज्यादा आपके “हुनर” (Skills) और कॉलेज के नाम की वैल्यू होती है।
Eligibility & Qualification
| स्ट्रीम | 10th पासिंग मार्क्स (Approx) | मुख्य विषय (Subjects) | टॉप एंट्रेंस एग्जाम |
| Science | 60% – 85% (स्कूल पर निर्भर) | Physics, Chem, Maths/Bio, English, CS/PE | JEE (Mains/Adv), NEET, NDA, BITSAT |
| Commerce | 50% – 75% | Accountancy, Business Studies, Economics, English | CA Foundation, CUET, CLAT, IPMAT |
| Arts | 40% – 60% | History, Pol Science, Geography, Sociology, Psych | CUET, CLAT, NIFT, NID, UPSC (After Grad) |
Salary, Growth & Reality Check
छात्र अक्सर इंटरनेट पर “Highest Salary Jobs” सर्च करते हैं। लेकिन सच यह है:
- Starting Salary: एक औसत इंजीनियर की शुरुआती सैलरी 3-4 लाख सालाना होती है। वहीं, एक अच्छे CA की शुरुआत 8-10 लाख से हो सकती है। आर्ट्स में कंटेंट राइटर या डिजाइनर 3-5 लाख से शुरू करते हैं।
- Saturation (भीड़): इंजीनियरिंग में बहुत भीड़ है। हर साल 15 लाख इंजीनियर बनते हैं, लेकिन अच्छी नौकरी कितनों को मिलती है? कॉमर्स में CA बहुत कठिन है (पासिंग रेट < 10%)।
- Growth: लॉन्ग टर्म में (10 साल बाद), स्ट्रीम मायने नहीं रखती। मायने रखता है कि आप अपने काम में कितने एक्सपर्ट हैं। गूगल के CEO सुंदर पिचाई (Science) और मशहूर पत्रकार रवीश कुमार (Arts) दोनों अपने क्षेत्र के दिग्गज हैं।
- Government Jobs: सरकारी नौकरी (SSC, Railway, Banking) के लिए कोई भी स्ट्रीम वाला अप्लाई कर सकता है। लेकिन आर्ट्स वालों को सिलेबस में थोड़ा फायदा मिलता है।
Pros & Cons
Science
- Pros: आप साइंस से कॉमर्स या आर्ट्स में शिफ्ट हो सकते हैं (ग्रेजुएशन में), लेकिन उल्टा संभव नहीं है। करियर ऑप्शन सबसे ज्यादा खुले हैं।
- Cons: बहुत खर्चीला और मानसिक तनाव (Stress) से भरा। कॉलेज लाइफ का आनंद कम मिलता है।
Commerce
- Pros: प्रोफेशनल कोर्सेज (CA/CS) के साथ जल्दी पैसे कमाने का मौका। मार्केट की समझ बढ़ती है।
- Cons: अगर टॉप कॉलेज या प्रोफेशनल कोर्स नहीं किया, तो सामान्य B.Com की वैल्यू बहुत कम है।
Arts
- Pros: सिविल सर्विस की तैयारी के लिए बेस्ट। क्रिएटिविटी दिखाने का पूरा मौका। कॉलेज लाइफ एन्जॉय करने का समय मिलता है।
- Cons: समाज में अभी भी इसे कम आंका जाता है। कॉर्पोरेट जॉब्स सीधे तौर पर कम मिलती हैं।
Common Mistakes

- दोस्तों के पीछे जाना: “मेरा बेस्ट फ्रेंड साइंस ले रहा है, तो मैं भी वही लूँगा।” यह करियर बर्बाद करने का सबसे आसान तरीका है।
- Maths से डरकर आर्ट्स लेना: अगर आप सिर्फ इसलिए आर्ट्स ले रहे हैं क्योंकि मैथ्स से डर लगता है, तो आप गलत कर रहे हैं। आर्ट्स में भी इकोनॉमिक्स या ज्योग्राफी में डेटा का काम होता है। अपनी पसंद से आर्ट्स लें, डर से नहीं।
- Parental Pressure: माता-पिता डॉक्टर बनाना चाहते हैं, लेकिन आपको खून देखकर चक्कर आते हैं। ऐसे में आप न अच्छे डॉक्टर बनेंगे, न खुश रहेंगे।
- स्कोप (Scope) ढूँढना: छात्र पूछते हैं “किसमें स्कोप ज्यादा है?” स्कोप स्ट्रीम में नहीं, इंसान में होता है। एक शानदार रसोइया (Chef – Arts/Vocational) एक बेकार इंजीनियर से ज्यादा कमाता है।
Editorial Advice
बतौर काउंसलर, मैंने हजारों छात्रों को देखा है जो 12वीं के बाद अपनी स्ट्रीम को कोसते हैं। मेरी सलाह ध्यान से पढ़ें:
- Science उनके लिए है जो Hardcore Academic हैं। जो 4-5 साल तक लगातार मेहनत कर सकते हैं। अगर आपको टेक्निकल चीज़ों में मज़ा नहीं आता, तो सिर्फ ‘इज्जत’ के लिए साइंस मत लें।
- Commerce उनके लिए है जो Smart हैं। जो पैसे, मैनेजमेंट और बिजनेस की दुनिया को समझते हैं। अगर आप भविष्य में अपना काम (Business) करना चाहते हैं, तो यह बेस्ट है।
- Arts उनके लिए है जो Aware और Creative हैं। अगर आपका सपना IAS, मीडिया, लॉ या प्रोफेसर बनने का है, तो बेझिझक आर्ट्स लें। लोग क्या कहेंगे, यह सोचना बंद करें।
गोल्डन रूल: 11वीं की NCERT की किताबें (Physics, Accounts, History) इंटरनेट से डाउनलोड करें और 2-2 चैप्टर पढ़कर देखें। जिस विषय को पढ़ते समय आपको समय का पता न चले, वही आपकी सही स्ट्रीम है।
FAQs
क्या मैं साइंस लेकर बाद में CA बन सकता हूँ?
हाँ, साइंस का छात्र ग्रेजुएशन के बाद CA या CS कर सकता है, लेकिन कॉमर्स के छात्र के लिए यह आसान होता है क्योंकि उसका बेस 11वीं-12वीं में बन चुका होता है।
क्या कॉमर्स के लिए Maths जरूरी है?
अनिवार्य नहीं है, लेकिन बहुत फायदेमंद है। B.Com (Hons), Economics (Hons) और CA जैसे कोर्सेज में मैथ्स होने से आपको लॉजिक और कैलकुलेशन में बहुत मदद मिलती है।
सबसे ज्यादा पैसा किस स्ट्रीम में है?
यह एक मिथक है कि सिर्फ साइंस में पैसा है। टॉप लॉयर्स (Arts), इन्वेस्टमेंट बैंकर्स (Commerce) और सर्जन्स (Science)—सभी करोड़ों में कमाते हैं। पैसा एक्सीलेंस (Excellence) में है, स्ट्रीम में नहीं।
अगर 11वीं में स्ट्रीम पसंद न आए तो क्या करें?
ज्यादातर स्कूल 11वीं में एडमिशन के 1-2 महीने के भीतर स्ट्रीम बदलने की अनुमति देते हैं। अगर आपको लगता है कि आपसे गलती हो गई है, तो तुरंत काउंसलर या प्रिंसिपल से बात करें। देर करने से साल खराब हो सकता है।
आगे क्या करें?
अब जब आपने सारी सच्चाई जान ली है, तो ये 3 कदम उठाएं:
- Self-Analysis: एक कागज पर लिखें कि आपको क्या पसंद है और आप किस सब्जेक्ट में अच्छे हैं।
- Talk to Seniors: अपने स्कूल के 12वीं के छात्रों से बात करें। साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स वाले छात्रों से पूछें कि उनकी पढ़ाई वास्तव में कैसी होती है।
- Career Assessment Test: अगर अभी भी कन्फ्यूजन है, तो किसी प्रोफेशनल करियर काउंसलर से मिलकर ‘एप्टीट्यूड टेस्ट’ (Aptitude Test) करवाएं। यह टेस्ट वैज्ञानिक तरीके से बताता है कि आपका दिमाग किस क्षेत्र के लिए बना है।
याद रखें, कोई भी स्ट्रीम “छोटी” या “बड़ी” नहीं होती। सचिन तेंदुलकर ने बैट चुना और लता मंगेशकर ने माइक। अगर सचिन माइक उठाते और लता जी बैट, तो आज वे लीजेंड नहीं होते।
अपनी पसंद चुनें, भीड़ का हिस्सा न बनें।
अगर आपके मन में अभी भी कोई सवाल है, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें। हम आपको सही रास्ता दिखाने की पूरी कोशिश करेंगे।
